Smartphone Sales Drop in India: Y और T Series महंगी पड़ते ही घटी बिक्री, Samsung और Nothing ने मारी बाजी

Smartphone Sales Drop in India: स्मार्टफोन बाजार में लंबे समय से नंबर-1 की स्थिति बनाए रखने वाली Vivo के लिए साल 2026 की दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण साबित हुई है। ताजा Counterpoint Research रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अब भी 17.8% मार्केट शेयर के साथ देश की सबसे बड़ी स्मार्टफोन ब्रांड बनी हुई है, लेकिन उसकी शिपमेंट में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, Vivo की लोकप्रिय Y Series और T Series की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से बजट खरीदारों ने दूसरे विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इसी बीच Samsung, Nothing और Google जैसे ब्रांड्स ने बाजार में मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपनी स्थिति और बेहतर कर ली है।

Smartphone Sales Drop in India: Y और T Series महंगी पड़ते ही घटी बिक्री, Samsung और Nothing ने मारी बाजी

Vivo की बढ़ी कीमतों का असर सीधे बिक्री पर पड़ा

Counterpoint Research की रिपोर्ट बताती है कि 2025 की दूसरी तिमाही में Vivo का मार्केट शेयर 19.2% था, जो अब घटकर 17.8% रह गया है। कंपनी का बजट और मिड-रेंज पोर्टफोलियो भारतीय बाजार में सबसे मजबूत माना जाता है, लेकिन Y और T सीरीज की कीमतों में वृद्धि के बाद ग्राहकों का रुझान कम हुआ। यही कारण है कि Vivo की कुल शिपमेंट में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भारत जैसे मूल्य-संवेदनशील बाजार में कीमतों में छोटा बदलाव भी बिक्री पर बड़ा असर डाल सकता है।

iQOO को भी लगा झटका

Vivo के सब-ब्रांड iQOO की स्थिति भी बेहतर नहीं रही। रिपोर्ट के अनुसार, iQOO का मार्केट शेयर पिछले साल की समान अवधि के 4.4% से घटकर केवल 1.7% रह गया है। यह गिरावट दर्शाती है कि केवल Vivo ही नहीं, बल्कि उसका पूरा इकोसिस्टम बढ़ती कीमतों और बदलती उपभोक्ता पसंद से प्रभावित हुआ है।

भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट 10% घटी, छह वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट

Counterpoint के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के दौरान भारत में कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 10% की गिरावट दर्ज की गई। जून तिमाही में यह पिछले छह वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका प्रमुख कारण मेमोरी चिप और अन्य मोबाइल कंपोनेंट्स की रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ी लागत है। उत्पादन खर्च बढ़ने के बाद लगभग सभी कंपनियों ने स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ाईं, जिससे नए फोन खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या कम हो गई।

बजट स्मार्टफोन सेगमेंट सबसे ज्यादा प्रभावित

रिपोर्ट बताती है कि ₹15,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट पर सबसे अधिक असर पड़ा। इस श्रेणी की बिक्री में लगभग 45% की गिरावट दर्ज की गई। चूंकि अधिकांश चीनी ब्रांड इसी सेगमेंट पर निर्भर हैं, इसलिए भारतीय बाजार में उनकी हिस्सेदारी भी 2020 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। वहीं जून 2026 तक स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत करीब 15% बढ़ चुकी थी, जिससे बजट खरीदारों के लिए नया फोन खरीदना और मुश्किल हो गया।

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प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग बनी रही

दिलचस्प बात यह रही कि ₹45,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग पर बढ़ती कीमतों का खास असर नहीं पड़ा। आसान EMI विकल्पों और बैंक फाइनेंसिंग की वजह से ग्राहक महंगे स्मार्टफोन खरीदते रहे। रिपोर्ट के अनुसार, अब भारत में बिकने वाले आधे से अधिक स्मार्टफोन फाइनेंसिंग के जरिए खरीदे जा रहे हैं, जिससे प्रीमियम सेगमेंट लगातार मजबूत बना हुआ है।

Samsung ने बढ़ाई बढ़त, Oppo भी रहा मजबूत

जहां अधिकांश कंपनियों की शिपमेंट घटी, वहीं Samsung ने विपरीत परिस्थितियों में भी लगभग 2% की वृद्धि दर्ज की। Galaxy A Series के साथ-साथ प्रीमियम Galaxy S25 और Galaxy S26 Series की मजबूत मांग ने कंपनी को फायदा पहुंचाया। इसी वजह से Samsung अब मार्केट शेयर के मामले में Vivo के काफी करीब पहुंच चुका है। वहीं Oppo ने 14% मार्केट शेयर के साथ तीसरा स्थान बनाए रखा। कंपनी की A6 और K14 Series को ₹20,000 से ऊपर वाले सेगमेंट में अच्छा प्रतिसाद मिला।

Apple की बिक्री घटी, लेकिन वजह अलग रही

Counterpoint रिपोर्ट के मुताबिक Apple की शिपमेंट में लगभग 3% की मामूली गिरावट दर्ज की गई और उसका मार्केट शेयर 7% रहा। हालांकि यह गिरावट कमजोर मांग की वजह से नहीं थी। रिपोर्ट बताती है कि iPhone 17 Series की मांग बाजार में काफी मजबूत रही, लेकिन सीमित स्टॉक उपलब्ध होने के कारण कंपनी सभी ग्राहकों तक समय पर डिवाइस नहीं पहुंचा सकी, जिससे कुल बिक्री प्रभावित हुई।

Nothing और Google ने सबसे ज्यादा चौंकाया

भारतीय बाजार में सबसे तेज़ ग्रोथ दर्ज करने वाले ब्रांड्स में Nothing और Google शामिल रहे। Carl Pei की कंपनी Nothing ने सालाना आधार पर 105% की शानदार वृद्धि दर्ज की, जबकि ₹45,000 से ऊपर वाले प्रीमियम सेगमेंट में Google Pixel स्मार्टफोन की शिपमेंट 68% बढ़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि Google ने ऑफलाइन रिटेल नेटवर्क का विस्तार किया और कीमतों को स्थिर रखा, जिससे कंपनी को सीधा फायदा मिला।

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